Shri Vishnu Aarti
Friday, February 13, 2026
श्री विष्णु जी की आरती
(संपूर्ण सृष्टि के पालनकर्ता भगवान विष्णु की स्तुति)
आरती की टेक:
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे।।
आरती का पाठ:
जो ध्यावे फल पावे, दुख विनसे मन का।
स्वामी दुख विनसे मन का, सुख संपत्ति घर आवे।।
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे।।
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं मैं किसकी।
स्वामी शरण गहूं मैं किसकी, तुम बिन और न दूजा।।
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे।।
तुम पूरण परमात्मा, तुम अंतर्यामी।
स्वामी तुम अंतर्यामी, पारब्रह्म परमेश्वर।।
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे।।
तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता।
स्वामी तुम पालनकर्ता, मैं सेवक तुम स्वामी।।
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे।।
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
स्वामी सबके प्राणपति, चरणों में शरणागत।।
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे।।
अंतिम टेक:
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे।।
भगवान विष्णु का महत्व
भगवान विष्णु हिंदू धर्म के त्रिदेवों (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) में से एक हैं, जिन्हें सृष्टि के पालनकर्ता के रूप में पूजा जाता है। वे संसार में धर्म की स्थापना और अधर्म के नाश के लिए समय-समय पर अवतार लेते हैं। उनके कार्यों और लीलाओं का वर्णन विष्णु पुराण, भागवत पुराण, और अन्य धर्मग्रंथों में मिलता है।
भगवान विष्णु के 10 अवतार (दशावतार)
भगवान विष्णु ने धर्म की रक्षा और असुरों के नाश के लिए दस अवतार लिए, जिन्हें दशावतार कहा जाता है:
- मत्स्य अवतार - मछली के रूप में पृथ्वी की रक्षा।
- कूर्म अवतार - कछुए के रूप में समुद्र मंथन में सहायता।
- वराह अवतार - सूअर के रूप में पृथ्वी को जल से बाहर निकाला।
- नृसिंह अवतार - आधे सिंह और आधे मानव के रूप में प्रकट होकर भक्त प्रहलाद की रक्षा।
- वामन अवतार - बौने ब्राह्मण के रूप में राजा बलि का अहंकार नष्ट किया।
- परशुराम अवतार - अत्याचारी क्षत्रियों का नाश।
- राम अवतार - रावण के वध और धर्म की स्थापना।
- कृष्ण अवतार - कंस वध और गीता का ज्ञान प्रदान किया।
- बुद्ध अवतार - अहिंसा और करुणा का प्रचार।
- कल्कि अवतार - कलियुग के अंत में प्रकट होंगे।
भगवान विष्णु की पूजा का महत्व
भगवान विष्णु की पूजा करने से:
- जीवन में संतुलन और स्थिरता आती है।
- सभी प्रकार के भय और बाधाओं का नाश होता है।
- शांति, धन, और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- भक्त को मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग दिखता है।
भगवान विष्णु की आराधना के विशेष अवसर
- एकादशी व्रत: हर महीने की शुक्ल और कृष्ण पक्ष की एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है।
- वैष्णव पर्व: रामनवमी, जन्माष्टमी, और अन्य पर्व उनके अवतारों के उत्सव के रूप में मनाए जाते हैं।
- विशेष मंत्र:
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
- ॐ विष्णवे नमः