Radha Chalisa
Friday, February 13, 2026
श्री राधा चालीसा
राधा रानी, प्रेम और भक्ति की देवी, श्रीकृष्ण की अर्धांगिनी और उनकी लीला की प्रमुख आधार हैं। उनकी चालीसा का पाठ करने से प्रेम, भक्ति, और शांति प्राप्त होती है। आइए, माँ राधा रानी की कृपा पाने के लिए इस चालीसा का पाठ करें।
दोहा
जय जय श्री राधे रानी, प्रेम की मूरत प्यारी।
संत जनों के मन बसती, प्रीतम की अधिकारी॥
चौपाई
जय राधा रानी वृंदावन धाम।
कृष्ण प्रेम के तुम हो आधार॥
भक्तों के दुख हरने वाली।
कृष्ण प्रिया, आनंद देने वाली॥
श्यामसुंदर की प्राण अधारा।
भक्ति और प्रेम का रूप तुम्हारा॥
गोप-गोपियों की संगिनी प्यारी।
सदा करूं मैं वंदना तुम्हारी॥
रास लीला का साज रचाती।
कृष्ण संग मधुर रस गाती॥
मन को हरने वाली राधा।
भक्तों को सुख देने वाली राधा॥
श्री कृष्ण तुम्हें सबसे प्यारे।
तुम संग रास रचाते न्यारे॥
राधा नाम जो सुमिरे सच्चे।
सभी कष्ट मिटे जीवन के॥
पुष्पों की माला सिर पर धारी।
मधुर हास से दुख हरने वाली॥
राधा चरणों का जो भी ध्यान लगाए।
वह जीवन में सुख-शांति पाए॥
यमुना तट पर क्रीड़ा करती।
रास-रसिक श्रीकृष्ण संग रहती॥
राधे रानी, कृपा बरसाओ।
हम पर अपना प्रेम लुटाओ॥
जो यह चालीसा नित गावे।
राधा रानी की कृपा पाए॥
भक्ति भाव से जो भी बुलाए।
प्रेम और शांति सदा वह पाए॥
राधा चालीसा का महत्व
- राधा चालीसा का पाठ करने से प्रेम और भक्ति का भाव जागृत होता है।
- भक्त को भगवान श्रीकृष्ण के साथ राधा रानी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
- यह चालीसा जीवन में आनंद और शांति का अनुभव कराती है।
कैसे करें पाठ?
- राधा रानी की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीप जलाएं।
- पुष्प और माखन-मिश्री का प्रसाद अर्पित करें।
- शांत मन से इस चालीसा का पाठ करें।
समर्पण
राधा रानी की कृपा से आपका जीवन प्रेम, भक्ति, और आनंद से भर जाए। जय श्री राधे! 🙏🌺