Mahalaxmi Chalisa
Friday, February 13, 2026
श्री महालक्ष्मी चालीसा
माँ महालक्ष्मी, धन, समृद्धि, और ऐश्वर्य की देवी, अपने भक्तों पर कृपा बरसाकर जीवन में सुख और शांति लाती हैं। श्री महालक्ष्मी चालीसा का पाठ करने से दरिद्रता का नाश होता है और घर में संपन्नता का वास होता है। आइए, माँ महालक्ष्मी की आराधना करें।
दोहा
जय महालक्ष्मी माता, जय जय सुख दाता।
विष्णुप्रिया जगदंबा, जय जय भवसुधाता॥
चौपाई
जय जय जय महालक्ष्मी माता।
जग में तेरा नाम सदा विख्याता॥
संत जनों की तुम हो सहाई।
तुम ही हो भवसागर की तरणाई॥
विष्णुप्रिया करुणा की मूरत।
धन, वैभव, ऐश्वर्य की सूरत॥
शंख, चक्र, गदा तुम धारी।
कमलासन पर शोभा तुम्हारी॥
त्रिभुवन में तेरा है राज।
तुम्हारे बिना सब सूना समाज॥
तुम हो सृजन, पालन की माया।
तुमसे ही सृष्टि ने रूप पाया॥
जो कोई माँ तेरा ध्यान लगावे।
सुख-संपत्ति उसके घर आवे॥
शरण में जो भक्त तुम्हारी आते।
कभी जीवन में दुःख न पाते॥
दुष्ट दलन करने वाली माता।
भक्तों के संकट हरने वाली त्राता॥
अन्नपूर्णा का रूप तुम्हारा।
तुम ही हो हर कष्ट का सहारा॥
धनहीन जो तेरा गुण गावे।
संतोष, समृद्धि सदा वह पावे॥
महालक्ष्मी, दया की दाता।
भक्तों के जीवन की उद्धारक माता॥
जो भी माँ चालीसा गावे।
उसके कष्ट पल में मिटावे॥
भक्ति से जो तेरा पाठ करे।
माँ लक्ष्मी उसका दुख हरे॥
कमल पर माँ, विराज तुम्हारी।
करुणा और कृपा की तुम अधिकारी॥
शरण में तेरी जो भी आये।
भवसागर से पार हो जाये॥
महालक्ष्मी चालीसा का महत्व
- माँ लक्ष्मी का स्मरण जीवन में धन, ऐश्वर्य, और सुख-शांति का संचार करता है।
- चालीसा का पाठ दरिद्रता और कष्टों का नाश करता है।
- माँ की कृपा से घर में समृद्धि, संतोष, और खुशहाली का वास होता है।
कैसे करें पाठ?
- माँ महालक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीप जलाएं।
- कमल के फूल और मिष्ठान्न का भोग अर्पित करें।
- शांत मन और भक्ति भाव से चालीसा का पाठ करें।
भक्ति का संदेश
माँ महालक्ष्मी की कृपा से आपका जीवन धन, समृद्धि, और सुख-शांति से भर जाए। जय महालक्ष्मी माता! 🙏🌺