Maa Baglamukhi Chalisa
Saturday, October 17, 2026
माँ बगलामुखी चालीसा
(माँ बगलामुखी देवी की स्तुति)
दोहा
श्री बगलामुखी चरण में, रखो ध्यान दिलाय।
संकट काटो मातु, शक्ति दो शुभ पाय।।
चौपाई
जय बगलामुखी महा माई,
सिद्धि दायिनी संकट हरने आई।
पीतांबर वसन धरती माता,
रूप तुम्हारा अद्भुत निखरता।
त्रिलोचन की शक्ति स्वरूपा,
संकट हरण भव दुख भूपा।
शत्रुनाशिनी महाशक्ति धारी,
भक्तों पर तुम हो सुखकारी।
वाणी को नियंत्रित कर देती,
शत्रु की बुद्धि हर लेती।
भक्त जनों की रक्षा करती,
हर दुख-दर्द तुमसे हटती।
त्रिभुवन तारण शक्ति तुम्हारी,
अष्ट सिद्धि नव निधि वंदन जारी।
जो भी ध्यान लगाता माई,
उसका संकट पल में टल जाए।
पीत वस्त्र में रूप तुम्हारा,
दुखहरणी माता जग सारा।
शत्रु पर तुम विजय दिलाती,
हर मनोकामना पूर्ण कराती।
मंत्र तेरा जब जो जपे,
भय, शत्रु सब पल में टपे।
चालीसा जो गावे सच्चे मन से,
सुख-समृद्धि पाए वो तन्मय से।
दोहा
श्री बगलामुखी माई, कृपा करो हे मात।
भक्त तुम्हारे जो पुकारें, पूरे करहु हर बात।।